हरदोई: बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े समेत 16 लोगों पर धोखाधड़ी का केस, करोड़ों की ठगी का आरोप

Hardoi: Fraud case against 16 people including Bollywood actor Shreyas Talpade, accused of cheating of crores

हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े समेत 16 लोगों के खिलाफ बड़ा मामला दर्ज किया गया है। इन सभी पर चिट फंड कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पीड़ितों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर उनकी गाढ़ी कमाई हड़प ली गई।

शिकायतकर्ता अमर वीर सिंह ने दर्ज कराई FIR
यह मामला शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के सुजनियापुर गांव निवासी अमर वीर सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ है। अमर वीर पहले ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। वर्ष 2020 में उनकी मुलाकात कुछ ऐसे लोगों से हुई जिन्होंने खुद को LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) से जुड़ा बताया और कंपनी में निवेश करने पर पैसा दोगुना होने का दावा किया।

श्रेयस तलपड़े को बताया गया कंपनी का प्रमोटर
अमर वीर ने बताया कि उनसे कहा गया कि बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े इस कंपनी के प्रमोटर हैं, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। उन्हें यह भी आश्वासन दिया गया कि निवेश करने पर उन्हें जॉब और कमीशन मिलेगा। इसी झांसे में उन्होंने अपने साथ-साथ गांव के कई लोगों से भी निवेश करवा दिया, जिसकी कुल रकम लगभग 20 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

FD, RD, सुकन्या योजना जैसे नामों पर लोगों को किया गया गुमराह
लोगों को आकर्षित करने के लिए FD, RD और सुकन्या योजना जैसी सरकारी स्कीमों के नामों का भी इस्तेमाल किया गया। लेकिन जब निवेश की अवधि पूरी हुई तो न तो पैसा मिला और न ही कंपनी से कोई संपर्क संभव हुआ।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
शिकायत के आधार पर श्रेयस तलपड़े, समीर अग्रवाल, सानिया अग्रवाल, आर.के. शेट्टी, संजय मुदगिल, पंकज अग्रवाल, शबाब हाशिम, जुल्फिकार अहमद, यादराम राजपूत, गौरव वर्मा, कृष्ण दीक्षित, फहीम उल्लाह, राजी उल्लाह, सनत राजपूत, उत्तम सिंह और माया सिंह के खिलाफ IPC की धारा 419, 420, 406, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच, अभिनेता की भूमिका पर संदेह
शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अभिनेता श्रेयस तलपड़े की भूमिका इस घोटाले में कितनी गंभीर है — क्या वे केवल प्रचार के लिए जुड़े थे या वास्तव में कंपनी के संचालन से भी जुड़े हुए थे।

यह मामला ग्रामीण इलाकों में चिट फंड कंपनियों द्वारा की जा रही धोखाधड़ी का एक और ज्वलंत उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें कई लोगों की जमा पूंजी दांव पर लग गई है।

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